भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष शरद पवार ने यह राज़ खोला है कि मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने ही महेंद्र सिंह धोनी को एक दिवसीय टीम का कप्तान बनाने का प्रस्ताव रखा था।
समाचार एजेंसी के साथ बातचीत में पवार ने कहा कि पिछले साल इंग्लैंड दौरे के क्रम में ही तत्कालीन कप्तान राहुल द्रविड़ ने कप्तानी छोड़ने की इच्छा व्यक्त की थी।
शरद पवार ने बताया, "उस समय राहुल द्रविड़ ने मुझे बताया कि वे अपने खेल पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं और उन्होंने मुझे किसी और को कप्तान बनाने की सलाह दी।"
बीसीसीआई अध्यक्ष ने बताया कि कुछ चयनकर्ता सचिन तेंदुलकर को कप्तान बनाना चाहते थे और मैंने सचिन को ये बता दिया। लेकिन सचिन ने ऐसा ना करने को कहा।
शरद पवार के मुताबिक़ जब उन्होंने सचिन से यह पूछा कि किसे टीम का कप्तान बनाना चाहिए तो उन्होंने कहा- धोनी जैसे खिलाड़ी को। सचिन ने पवार से कहा- धोनी को मौक़ा दीजिए। खिलाड़ियों के साथ उनके संबंध बेहतर हैं।
सलाह
सचिन की सलाह पर पवार ने कहा कि वे चयन में दख़ल तो नहीं करेंगे लेकिन चयनकर्ताओं तक उनकी बात ज़रूर पहुँचा देंगे। और अंत में कप्तानी धोनी को ही मिली।
शरद पवार ने सचिन तेंदुलकर और उनके साथी अनुभवी खिलाड़ियों राहुल द्रविड़, सौरभ गांगुली और अनिल कुंबले की इस बात के लिए सराहना की कि ट्वेन्टी 20 टीम में उन्होंने युवा खिलाड़ियों के लिए रास्ता छोड़ा।
बीसीसीआई अध्यक्ष ने इंग्लैंड दौरे को याद किया और बताया, "जब भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर थी तो उस मैं भी वहाँ था। सचिन ने मुझसे मुलाक़ात की और कहा कि आप टीम चयन में दख़ल नहीं देते लेकिन आप चयनकर्ताओं से कहें कि वे मेरे जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों को ट्वेन्टी 20 टीम में ना रखें क्योंकि हमारी पीढ़ी के खिलाड़ी इसके लिए फ़िट नहीं हैं। इसलिए युवा खिलाड़ियों को मौक़ा दीजिए।"
पवार ने कहा कि आज के माहौल में कौन आकर आपसे कहता है कि आप उन्हें टीम में शामिल नहीं कीजिए। उन्होंने कहा- हम भाग्यशाली हैं कि हमारे पास सचिन, सौरभ, द्रविड़ और कुंबले जैसे खिलाड़ी हैं। टीम को लेकर उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल नहीं उठाए जा सकते हैं।
सराहना
शरद पवार ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी की सराहना की और कहा कि उनके नेतृत्व में ही टीम ने ट्वेन्टी 20 विश्व कप जीता और फिर ऑस्ट्रेलिया में त्रिकोणीय सिरीज़ पर भी क़ब्ज़ा किया।
उन्होंने कहा, "कप्तान के रूप में धोनी ने बहुत बढ़िया काम किया है। वे खिलाड़ियों में जोश भर सकते हैं और खिलाड़ियों के साथ उनके रिश्ते भी काफ़ी अच्छे हैं। वे दबाव में संयम भी बनाए रखते हैं "
लेकिन बातचीत से लगा कि शरद पवार कुंबले से ज़्यादा प्रभावित हैं। ख़ासकर ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सिरीज़ के दौरान उनकी परिपक्वता और नस्लवादी टिप्पणी के मामले में उनकी सूझ-बूझ से पवार ख़ासे प्रभावित लगे।
उन्होंने कहा, "कप्तान के रूप में कुंबले शानदार रहे हैं। मैदान के अंदर और बाहर उनका व्यवहार भी बेहतरीन रहा है। वे देश के राजदूत के रूप में हैं और हमें गर्व है कि सिडनी में हुई घटना के बाद उन्होंने काफ़ी सूझ-बूझ दिखाई "
सिडनी टेस्ट के दौरान हरभजन सिंह और एंड्रयू साइमंड्स के बीच तकरार और फिर भज्जी पर नस्लभेदी टिप्पणी के आरोप लगने के बाद कप्तान के रूप में अनिल कुंबले के व्यवहार की काफ़ी सराहना हुई थी।
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